गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi 2020 - Hindi Lyrics

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गणेश चतुर्थी Ganesh Chaturthi 2020 - Hindi Lyrics

 

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About - Ganesh Chaturthi:

Ganesh Chaturthi also is known as Vinayaka Chaturthi, is a Hindu festival celebrating the arrival of Ganesh to earth from Kailash Parvat with his mother Goddess Parvati. The festival is marked with the installation of Ganesh clay idols at homes, or publicly on elaborate pandals and celebrated chanting of Vedic hymns and Hindu texts such as prayers and vrata.

Offerings and prasadam from the daily prayers, that are distributed from the pandal to the community, include sweets such as modaka as it is believed to be a favorite of Lord Ganesh. The festival ends on the tenth day after start, when the idol is carried in a public procession with music and group chanting, then immersed in a nearby body of water such as a river or sea. In Mumbai alone, around 150,000 statues are immersed annually.

Thereafter the clay idol dissolves and Ganesh is believed to return to Mount Kailash to Parvati and Shiva. The festival celebrates Lord Ganesh as the God of New Beginnings and the Remover of Obstacles as well as the GOD of wisdom and intelligence and is observed throughout India.

 

गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है, यह एक हिंदू त्यौहार है। माना जाता है कि यह त्यौहार गणेश जी के कैलाश पर्वत से पृथ्वी पर आगमन पर उनकी माता पार्वती जी के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार घर-घर में तथा सार्वजनिक रूप से विशाल पंडालों में मिट्टी की मूर्तियों को स्थापित करके और हिन्दू वैदिक भजनों, म‌‍‌‌न्त्रो और ग्रंथों द्वारा प्रार्थना और व्रत आदि जप से मनाया जाता है।

दैनिक प्रार्थना और प्रसाद वितरण होता है।  गणेशजी का प्रिय प्रसाद मोदक मिठाई हैं। गणेशोत्सव गणेश चतुर्थी पर आरंभ होकर दसवें दिन अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होता है। उस समय गणेशजी की मूर्तियों को सार्वजनिक रूप में संगीत और सामूहिक मंत्रोचारण के साथ पास ही के नदी या समुद्र में श्रृद्धा भाव से गणेश जी की मूर्तियों को विसर्जित किया जाता है। अकेले मुंबई में, प्रतिवर्ष लगभग 150,000 मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है।

विसर्जन के बाद मिट्टी की मूर्तियां भंग हो जाती है और कहते है कि गणेशजी कैलाश पर्वत पर माता पार्वती और शिवजी के पास लौट जाते हैं।  भगवान गणेशजी को प्रथम पूज्यनीय देवता के रूप में जाना जाता है और सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ ज्ञान और बुद्धि के भगवान भी मानते हैं। पूरे भारत में यह त्यौहार बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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