Anuj Threatens Shah Family - Cancels The Deal - Anupama Episode 366

Anupama 13th September 2021 - Today's Episode 366 review and written update in Hindi

अनुपमा में अभी तक आपने देखा की अनुज बहुत उलझन में है की किसके बिज़नेस आईडिया को हां करे और किसे ना।  अनुज ने अपनी उलझन की डोर को अपनी टीम के हाथ में सौंप दिया है।  जी. के  काका को अनुपमा और उसका आईडिया दोनों बहुत पसंद है। अब अनुज किस का साथ देगा देखते आने वाले अगले एपिसोड में।   

अनुपमा का आज का एपिसोड 366  पढ़िए -  मेरे यानि उमा धीमान के साथ !! 

Today's Episode 366 review and written update in Hindi

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काव्या का बा को भड़काना !

अनुज का नाम का इस्तेमाल कर के काव्या बा के कान भरने की कोशिश करती है।  उसको लगता है जैसे उसने पाखी और किंजल के दिमाग से खेल के अनुपमा के खिलाफ भड़काया था वैसे ही बा के साथ करू। 

पर बा तो बा है। 

मैदे की कटोरी को तुरंत टोक दिया की मेरे कान भरने की ज़रूरत नहीं लेकिन काव्या को पता तो चल ही गया की अनुज
को लेकर बा भी कुछ खुश नहीं है।  अनुपमा को दोस्ती देविका तक ठीक है पर अनुज बिलकुल नहीं।
 

क्या करे भई बहु को कितना भी बेटी मनो पर दिल में कुछ खाली सा रह ही जाता है। 

अनुज का बिता कल और दिल में सिर्फ अनु  

जी. के काका, अनुज को अपने दिल की बात और किताब में रखा गुलाब का  फूल देने की बात कहते है तो अनुज बताता है की अनुपमा जीवन के ऐसे मोड़ पे है जहा उसे किसी आदमी की जरुरत नहीं है।  अनुपमा को सिर्फ एक  दोस्त चाहिए और वो मै हु। मैंने जो समय गवाया है उसका दुःख मुझे आजतक है। 

अनु से दिल की बात कहने में बहुत देरी हो गई थी, उसकी बारात आ चुकी थी , अनु के होठो पे जो हसी थी वो बता रही थी की वो कितनी खुश थी। 

बस आज मै खुश नसीब हु जो अनु को देख और उससे बात कर पा रहा हु। 
और मुझे कुछ नहीं चाइये। 

कही नज़र न लगे समर नंदनी के प्यार को -हाये  !!

अनुपमा जैसे ही समर के बारे में सोच के अपनी डांस अकादमी में पहुँचती है तो देखती है समर और नंदनी प्यार के समंदर में दुबे हुए है पहले वो शर्माती है फिर दोनों की पास जाके दोनों को गले लगाती है। 

अनुपमा को पहले से ही पता था की इनकी लड़ाई थोड़े समय के लिए ही है।  कैसे न पता होता आखिर वो एक माँ है जिसे अपने बच्चे की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी हर बात पता चल जाती है। 

अचानक कैफ़े में लाइट का गुल होना और किसी खास डिश की डिमांड !!

मामा बडी अचानक अनुपमा के पास आके कुछ प्रॉब्लम शेयर करते है और अनुपमा फटाफट से डिश तैयार करके कैफ़े में शेफ को देती है और सभी टेबल्स पर कैंडल रखने का प्रस्ताव देती है। 

अनुपमा खुद हाथ में डिश और कैंडल लेके टेबल नंबर पूछ के पहुँचती है तो पता चलता है की यहाँ तो मिस्टर कपाड़िया मतलब अनुज बैठे है। 

अनुज कहता है क्या हुआ मैं यहाँ आ नहीं सकता क्या ? अनुपमा कहती नहीं मै इसलिए पूछ रही थी की आप इतने बड़े लोग यहाँ हमारे कैफ़े में अचानक!!

अनुज बताता है की भई कारखाना की डील के चलते है मेरी लीगल टीम ने मुझे यहाँ विज़िट करने के लिए बोला है… आप कहो तो चल जाता हूँ..!! 

अनुपमा मुस्कुराते हुए अनुज को डिश परोसती है तो उसके मुँह से निकल जाता है की मैंने फटाफट बनाई है, ये सुनके अनुज और अच्छे से डिश का स्वाद लेता है और डिश की तारीफ करता है। 

राखी दवे का नया एंटरटेनमेंट !!

अनुपमा अनुज को वहा लाइट न होने की वजह से खुद डिश परोस रही है और उसका वो कॉलेज का दोस्त , आने वाले टाइम में बिज़नेस पार्टनर भी हो सकता है बस इसके नाते वो बिचारी अच्छे से हंस बोल रही थी की तभी कैफ़े में काव्या वनराज के साथ राखी दावे और परितोष आ पहुंचते है। 

अनुपमा बेचारी इनके किसी भी बात से अंजान होती है।  

राखी सिर्फ ये देखने आती है क्या सच में शाह परिवार (अनुपमा) की दोस्ती इतने बड़े आदमी से हो सकती है। 

अनुपमा और अनुज को हँसता बोलता देख राखी के होश उड़ जाते है और वह खड़े वनराज को जलता देख उसको और चिढ़ाती है की "जो स्वाद आज अनुज को मिल रहा  है ये कभी आपके नसीब में था। इतने प्यार से तो काव्या भी आपको नहीं खिलाती। अनुपमा ने तो बहुत लम्बा हाथ मारा है।  ये बातचीत दोस्ती तक रहेगी या इसके आगे भी कुछ है। अनुज कपाड़िया तो आपको 40 लाख क्या 40  करोड़ भी दे देगा।"

जैसे ही लाइट आती है अनुपमा की नज़र दूर खड़े बाकि लोगो पर पड़ती है।  राखी फटाफट अनुज के पास आके बैठ जाती है और अपनी पहचान कराने लगती है पर अनुज को कुछ नहीं याद आता।  ये सुन काव्या और अनुपमा बहुत हसंते है फिर काव्या बताती है की ये किंजल की माँ है तो अनुज कहता  है की ऐसे बोलिये न की आप परितोष की सास है। 

हाहाहा बहुत ही बड़ा मज़ाक हुआ राखी दवे का। 

जिस तरीके से वनराज बात करता है अनुज से, भई पता चल रहा था की कितना गुस्सा आ रहा है वनराज को।  इसे कहते है जब तुम्हारे पास कोई चीज़ होती है तब कदर नहीं होती फिर तुम जलो मरो क्या फरक पड़ता है। 

कल क्या होगा - ??

आने वाली है परितोष की नाराज़गी बहार -

अनुपमा अनुज को डांस अकादमी देखने के लिए बोलती है तो वो अपनी डिश फिनश कर के और पेमेंट करने के बाद अनुपमा को बोलता है की मुझे अपनी डांस अकेडमी भी दिखाओ तो कबसे अपनी माँ और उसके दोस्त को लेकर हो रही बातचीत से नाराज़ हो चूका था। 

परितोष को गुस्सा ठीक है अपनी जगह पर गुस्सा दिखाने का समय और जगह गलत है। 

गुस्से में वो अनुज कपाड़िया को नहीं बल्कि अपनी परिवार की आने वाली खुशियों को कैफ़े से बहार निकल देता है। 

क्या होगा अब ??

अनुज की धमकी - या - खतरे की घंटी !!

गुस्से में परितोष ने अनुज को जाने के लिए क्या बोला - उसने भी जवाब में धमकी दे डाली की - अब ये कारखाना न मै खरीदूंगा और न ही किसी को खरीदने दूंगा !!

धमकी पड़ेगी शाह परिवार को भारी  !!



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