Anupama 9th September 2021 - Today Episode 363

Anupama 9th September 2021 - Today Episode 363 written update in Hindi

अभी तक आपने अनुपमा में देखा की जन्माष्टमी वाले दिन घर में सभी लोग समर का इंतज़ार कर रहे होते है लेकिन समर नंदनी से गुस्सा होकर सड़क पर ध्यान दिए बिना चल रहा होता है तभी अचानक से एक ट्रक समर की तरफ बढ़ कर उसे टक्कर मरने जा रहा होता है तभी वही खड़े हुए अनुज कपाड़िया और उसके काका की नज़र उसपे पड़ती है।  अनुज समय न गवाते हुए आगे बढ़ कर समर की जान बचा लेता है। 

अनुज के काका समर के फ़ोन से अनुपमा को कॉल लगा कर घर का एड्रेस पूछते है और फिर समर को सही सलामत घर पहुंचते है। घर में सभी लोग समर के एक्सीडेंट की बात सुन कर घबरा जाते है लेकिन जैसे ही अनुज और उसके जी.के काका समर को लेकर घर आते है सभी उनका बहुत बहुत धन्यवाद करते है। 

Anupama-9th-September-2021-Today-Episode-363

अनुपमा का रो रो कर बुरा हाल हो जाता है तो अनुज उसे कहता है की अब तुम्हारा बेटा एकदम सुरक्षित है तोह रोना बंद करो। सभी लोग मिलकर अनुज और उसके काका को घर पर आने का निमंत्रण देते है और उनसे अनुरोध करते है की वो उनके परिवार के साथ जन्माष्टमी की पूजा में सम्मलित हो। 

एपिसोड 9th September 2021

जी. के  काका अनुपमा को देखते ही रह जाते है और जैसा अनुज ने उन्हें बताया था वैसा ही पाते है।  जब पूरा परिवार साथ बैठ कर बातचीत कर रहा होता है तब बापूजी और जी. के काका हर एक बात में अनुपमा का ज़िक्र करते है तो अनुज इशारे से काका को मना करता रहता है और कही उसके दिल की बात अनुपमा या किसी और को पता ना चल जाये सोच के शर्मिंदा होने लगता है। 

वनराज को अनुज वैसे तो कुछ खास पसंद नहीं है पर क्या करे अब वह उनका मेहमान है और उसने उनके बेटे की जान बचाई है तो वह अनुज के सामने अच्छे से बात करने को कोशिश करता है। 

काव्या को अनुज सिर्फ अपने परेशानियों से बाहर निकलने की तिजोरी दिखता है और वह उससे दोस्ती बढ़ने के लिए बहुत उतावली होने लगती है। उसे विश्वास नहीं होता की इतना बड़ा आदमी उनके घर आया है। 

काव्या अनुपमा को किचन में ले जाकर उसको नई क्राकरी और अच्छा टेस्टी नाश्ता बनाने के लिए कहती ताकि अनुज वैसा खाना खाने के बहाने उनके घर रोज़ आता जाता रहे....पर अनुपमा को यह बात पसंद नहीं आती। 

काव्या अपने खयालो की दुनिया में बा को भी शामिल कर लेती है और बा भी सोचने लगती है की अगर अनुज हमारा कारखाना सच में खरीद लेगा तो हमारी सारी परेशानिया दूर हो जाएगी.

उधर नंदनी समर को मानाने की बहुत कोशिश करती है पर समर के दिमाग में रोहन की बातें घर कर जाती है....उससे लगता है नंदनी ने वो सारी बात क्यों नहीं बताई...आखिर वो ऐसा क्यों कर रही है...कहीं रोहन की बात सच तो नहीं की वो अभी भी रोहन से प्यार करती है...??

बातों ही बातों में जी. के काका सबको बताते है की तिथि के हिसाब से आज अनुज का असली जन्मदिन है पर उसके माता पिता के जाने के बाद से वह अपना जन्मदिन नहीं मनाता।  सभी लोग अनुज के प्रति अपनी सहनुभूति रखते है उसे जन्मदिन की शुभकामनायें  देते है। सबसे आखिर में अनुपमा अनुज को विश करती है और अनुज बहुत ही प्यार से उसका धन्यवाद् करता है ये देख वनराज को अच्छा नहीं लगता। 

इतने में मामाजी अपने भांजे की बॉडी की तुलना अनुज से करते है और कहते है अभी तक मुझे लगता था की वनराज ही सबसे फिट है पर तुम उससे ज़ादा फिट हो तो वनराज सकपका जाता है और याद करता है की उसने कैसे अनुपमा को ताना मारा था उसकी ढलती उम्र दिखने पर

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काव्या वनराज से कहती है की जैसे ही तुम मौका मिले अनुज से अपने कारखाने की डील की बात करना।  थोड़ी देर में अनुपमा अनुज के लिए हलवे से बना हुआ केक लेकर आती है सभी मिल कर अनुज का जन्मदिन मानते है । 

जी. के काका अनुपमा से कहते है की जाते समय बचा हुआ केक यानि हलवा अपने साथ ले जाने की मांग करते है और सभी लोग ज़ोर से हसने लगते है।  आज अनुज को वाकई में अपना जन्मदिन मानाने का एहसास होता है। 

मौका मिलते ही वनराज अनुज को कारखाने की डील के बारे में पूछता है तो अनुज यह कह के टाल देता है की उसकी लीगल टीम का रिप्लाई नहीं आया है उसके बाद ही वह बता पायेगा की क्या हो सकता है ।  अनुज जाते हुए कहता है की तुम और अनुपमा मेरे ऑफिस में कभी भी आ सकते हो , यह सुन के काव्या उछल जाती है और बीच में ही कहती की हम ज़रूर आएंगे। 

बापूजी और जी. के काका में बहुत अच्छी दोस्ती हो जाती है और उनको वो घर पे दुबारा आने का कहते है और अनुज के काका भी अनुपमा के तरफ देखते हुए कहते की अब तो बार बार आना ही पड़ेगा । 

अनुज अपने काका के साथ घर के लिए निकल जाता है और सबसे पहले दोनों जाकर हलवे का डब्बा खोलते है और उसको दो हिस्सों में बात लेते है लेकिन क्या करे हलवे का टास्ते ही इतना अच्छा  लगता है की दोनों आपस में लड़ने लगते है।  फिर अनुज थोड़ा'हलवा अगले दिन के लिए रखने जा रहा होता है की उसका ध्यान डब्बे पर लिखे अनुपमा शब्द पर पड़ता है और उसको उस डब्बे पे भी बहुत प्यार आने लगता है । 

ट्रेलर 10th September 2021 

अनुपमा के अगले एपिसोड में आपको देखने मिलेगा की कैसे काव्या वनराज सुबह तैयार हो कर अनुज के ऑफिस पहुंचते है और वहां बॉस की चेयर पे जी. के काका को पा कर उनकी बेज्जती करने लगती है तभी अनुज यह सुन लेता है और कहता है की जिनको मेरे काका याद नहीं रहते  वो लोग मुझे याद नहीं रहते।  यह सुन के वनराज और काव्या के होश उड़ते जाते है ।  अनुपमा उन दोनों के साथ ना आकर अकेले बाद में पहुँचती है तो वनराज उसको ताने मारते हुए कहता है की हमारे साथ आने में क्या शान घट जाती ।  अनुपमा जवाब देते हुए कहती है की चाँद की तरह घटने बढ़ने वाली शान आपकी होगी मेरी नहीं और यह बात अनुज सुन लेता है। 

पढ़ते है पूरा किस्सा अगले अपडेट में उमा धीमान के साथ । । 

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