Anupama Aur Anuj Ki Partnership - Anupama 20th September 2021 Review and Written Update EP 372

Anupama 20th September 2021 - Today's Episode 372 Review and Written Update in Hindi

बापू जी ने दी अनुपमा को उड़ान !!

दोस्तों, हमेशा की तरह जब भी अनुपमा घरबराई या डरी है बापूजी ने आगे बढ़ कर अनुपमा का साथ दिया है। 

और आज का दिन तो अनुपमा के लिए और भी खास होने वाला है। 

अपने जीवन को नई किरण देने वाली और बहुत सी दूसरी औरतो के लिए मिसाल बनने का भी मौका मिल रहा है। 

अनुपमा कुछ भी कहे या करे बा, वनराज, काव्या और तोषु को गलत ही लगने वाला है और यही हुआ भी सुबह नाश्ते के समय - जब बा ने काव्या को नाश्ता परोसने के लिए कहा और तोषु ने भी काव्या को पानी के लिए कहा। 

बस उसी पर शुरू हो गई सुबह सुबह महाभारत। 

तोषु या वनराज जब भी अनुपमा से बतमीज़ी से बात करते है तो किनजल और समर हमेशा उन दोनों को टोकते है। 

Anupama Aur Anuj Ki Partnership - Anupama 20th September 2021 Review and Written Update

फिर शामिल हो गई बा तो बापूजी को आखिर में चिलाकर सबको चुप कराना ही पड़ा। 

अनुपमा को बेझिझक अपने इस नए प्रोजेक्ट के लिए जाने के लिए कहा। 

बापूजी ने अनुपमा को कार की चाबी देते हुए कहा तेरा मन जो कहे करने को वही करना अगर अनुज के ऑफिस जाना है तो जाओ और अगर घर आने का मन करे तो भी कोई दिक्कत नहीं है। 

पर अब अनुपमा मन मार कर नहीं जीयेगी। 

बापूजी, समर और किन्जल - अनुपमा को गाड़ी तक छोड़ने आते है तभी अनुपमा की नज़र किचन में खड़ी बा पर पड़ती है जो उसे हाथ जोड़ कर जाने से मना कर रही होती है। 

पर मैंने कहा था ना की अब ये अनुपमा नहीं रुकने वाली। 

अनु और अनुज !!

अनु लिखो और फिर अनुज कर दो।  हा हा हा हा हा !!

अनुज मीटिंग में बैठा हुआ आज यही कर रहा था।  वो अनु के आने की उम्मीद लगाए तो है पर ये नहीं जानता की अनु का जवाब क्या होगा। 

अनुपमा अनुज के ऑफिस पहुँचती है और अनुज को ऑफिस में कॉल में बताया जाता है अनुपमा ऑफिस पहुँच चुकी। 

अनुज को अचानक शॉक लगता है और वो ५ मिनट का टाइम लेकर अनुपमा को बहार लेने जाता है। 

अनुपमा एक औरत की क्या क्या मजबूरिया होती है वो बताना शुरू करती है तो अनुज ये मान लेता है वो ना करने वाली है। 

और अपनी बात पूरी करके अनुपमा कहती है की उसने अनुज के साथ काम करने का फैसला ले लिया है तो भी अनुज अपनी ही दुनिया में रहता है और अनुपमा को बोलने लगता है मैंने ये प्रोजेक्ट तुमसे जान पहचान होने के नाते नहीं दिया था, बल्कि तुम्हारी काबिलियत के लिए दिया फिर तुम मना कैसे कर सकती हो ??

अनुपमा को थोड़ा अजीब लगता है तो बोलती है की मैंने तो हां किया है पर अगर आपको लगता है तो मै और टाइम ले लेती हु। 

अनुज की ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहता पर क्या करे अनुपमा के सामने थोड़ा संभल के रहना पड़ता है।

अपने नए काम के लिए अनुपमा अनुज से पूरा सपोर्ट मांगती है क्योकि उसने कभी इतना बड़ा काम नहीं किया, अनुज का तो पता ही है की वो अनुपमा को हर तरीके से हेल्प करेगा इसिलए सारे ज़रूरी डाक्यूमेंट्स अनुपमा के लिए हिंदी और गुजराती में ट्रांसलेट कराके रेडी रखे थे। 

अनुपमा के इंग्लिश नहीं जानने पर अनुज बहुत ही सहज होकर कहता है की घबराने की कोई बात नहीं ये आनी चाहिए पर अगर नहीं आती है तो कोई बड़ी बात नहीं है। 

अनुपमा को विचार आता है कैसे उसका पति और बच्चे उसकी रेस्पेक्ट नहीं करते थे इंग्लिश न बोल पाने पर।   कोई   कही अपने साथ नहीं ले कर जाता था और स्कूल या कॉलेज में भी ना ले जाने के बहाने रेडी रहते थे। 

आज वही अनुपमा उन सभी से बहुत उप्पर निकल गई है।  शायद यही सोच उन्हें अनुपमा की तरक्की हज़म नहीं करने दे रही। 

खैर , अब इंग्लिश ना आने से न तो अनुपमा को कोई फरक पड़ता है और न ही अनुज को, तो जाने दो। 
रिलेटेड: अनुपमा की नई शुरुआत - अनुपमा EP 371   

अनुपमा की शर्त अनुज के सर आँखों पर !!

दोस्तों, ये तो हमें पता ही था की अनुपमा अपना दिल हमेशा साफ़ रखती है। 

ये बात अनुज भी आज जान ही गया, अनुपमा अपने दिल की बात को सीधा सीधा पेश करती है और उसने अनुज से कह दिया की आपके दिल में जो था उससे मुझे कोई फरक नहीं पड़ता, आप मुझे अपने दूसरे एम्प्लोयी की तरह ही रखना। 

कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं चाहिए।  मुझसे दोस्ती या काम के अलावा और कोई उम्मीद मत रखना। 

अपनुमा की इन सारी बातों को अनुज ने अपने सर आँखों पर रखा है और आश्वासन दिया की तुम्हे कभी मेरी वजह से कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।   
 

काव्या ने घोला 'बा' के कानो में जहर !!

उधर अनुपमा अपनी किस्मत सवारने निकल चुकी है और उसने किसी की एक ना सुनी जो उसको रोकना चाहते थे।

काव्या को अनुपमा से बदला लेना हमेशा से अच्छा लगता है ये हम सबको अच्छे से पता है। 

काव्या कोई मौका नहीं छोड़ती, चाहे किंजल हो पाखी हो या अब बा। जो लोग अनुपमा के क्लोज है उनका इस्तमाल करना वो अच्छे से जानती है। 

बा का दिमाग तो काव्या ने कर दिया है खराब बस अब ये चिंगारी क्या रंग लाएगी, अनुपमा के सामने क्या नई चुनौतियां लेके आती है।  

बा के उप्पर वनराज और काव्या का भूत और कितनी देर तक रहता है देखते है। 

अनुपमा के पास काव्या की हर हरकत का जवाब होता है पर वो अपना लिहाज़ करके चुप रहती जिसका फायदा काव्या को हमेशा मिल जाता है। 
  


पढ़ने के लिए धन्यवाद्!

उमा धीमान
 

Post a Comment

Previous Post Next Post