Anupama - Vanraj Argues With Each Other - Anupama EP : 364

Anupama 10th September 2021 - Today's Episode 364 written update in Hindi

अनुपमा में अभी तक आपने देखा की कैसे अनुज और उसके जी. के काका अनुपमा के परिवार का हिस्सा बन जाते है और इसी के साथ शाह परिवार को अनुज कपाड़िया से बहुत उम्मीदे भी दिखने लगती है अपने डूबते बिज़नेस को बचाने के लिए। 

अनुपमा की आज की कहानी मेरे यानि उमा धीमान की ज़ुबानी।

Today's Episode - 364

अनुज अनुपमा के नाम लिखा वाला डब्ब्बा लेकर खड़ा ही रह जाता है , काका अनुज को  रात बहुत हो गई है इस डब्बे को हाथ में लेकर क्या कर रहे हो ? अनुज काका से कहता है अनुपमा बिलकुल मेरी माँ जैसी है परिवार के साथ में जोड़ कर रखने वाली… अनुपमा के लिए तलाक के बाद उसी घर में रहना बहुत मुशिकल है पर वो ये सब अपने परिवार के लिए कर रही है।

Anupama---Vanraj-Argues-With-Each-Other-Anupama-EP-364

अनुपमा बहुत काबिल है और उसमे बहुत कुछ करने की काबिलियत है।  काका अनुज को कहते है की तू उसके साथ है तो अनुपमा के साथ सब ठीक होगा।  अनुज को पता है की अनुपमा को किसी के सहारे की ज़रूरत नहीं है। उसको सिर्फ साथ में चलने वाला दोस्त चाहिए। 

सुबह से समर का मूड ख़राब रहता है और वनराज और अनुपमा इसी बात से परेशान हो जाते है की समर और नंदनी के बीच जल्द ही सब ठीक हो जाये।  तभी वनराज अनुपमा को अनुज के ऑफिस साथ जाने के लिए पूछता है, अनुपमा मना कर देती है।  यह सुन कर वनराज थोड़ा खुश होता है फिर इतने में ही काव्या आकर वापिस से अनुपमा को साथ चलने के लिए बोलती है पर अनुपमा का जवाब ना ही होता है।  

काव्या कहती है की मुझे मालूम है की तुम्हे वह कुछ समझ नहीं आने वाला फिर भी अगर तुम साथ चलोगी तो हमारे लिए अच्छा होगा क्योकि अनुज तुम्हारा दोस्त है और जब हमारी दोस्ती हो जाएगी तोह हमे तुम्हारी ज़रूरत नहीं होगी।अनुपमा साफ़ शब्दों में नहीं में उत्तर दे कर कर बात ख़तम कर देती है।   

काव्या और वनराज अनुज कपाड़िया के ऑफिस पहुँचते है और जैसे ही ऑफिस केबिन के अंदर जाते है काव्या ज़ोर से गुड मॉर्निंग मिस्टर कपाड़िया चिल्लाती है , अनुज उसको रिप्लाई देता है पर वह अपनी सीट पर नहीं बल्कि सोफे पे बैठा होता है।

यह देख काव्या अपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर पाती और बोल पड़ती है आप यहाँ है तो आपके सीट पे कौन है और तब जी. के काका उन लोगो को चौंका देते है।  काव्या बिना सोचे समझे कह देती है की कहना पड़ेगा कपाड़िया जी आप अपने नौकर को भी बहुत सम्मान देते है। 

अनुज कपाड़िया यह सुनते है गुस्सा हो जाता है और काव्या को बहुत धीरे से धमकी भरी आवाज़ में समझा देता है की मई पहले भी बता चूका हु जी. के काका ही मेरे सब कुछ है  जिन लोगो को मेरे जी. के काका याद नहीं रहते मई भी उन लोगो को याद नहीं रखता। 

अनुज की इस बात का न तो काव्या के पास के पास कोई जवाब होता है और न ही वनराज के पास।  दोनों अपना सा मुँह लेकर खड़े रह जाते है।  फिर इशारे से काका अनुज को शांत रहने के लिए बोलते है और अनुज काव्य को अपने काका से आशीर्वाद लेने के लिए कहता है। 

थोड़ी देर में अनुज के ऑफिस मे अनुपमा की एंट्री होती है , अनुपमा अंदर आने से पहले ही अपने देर से आने की कहानी बताने लगती है तो अनुज कहता है की कोई बात नहीं आप आओ और आराम से बैठो।  

वनराज अनुपमा को गुस्से से देखता है, अनुज एक कॉल उठाने के लिए जैसे ही अपनी सीट से उठता है वैसे ही उस पर गुस्सा करता है और कहता है की हमारे साथ आने से तुम्हारी शान घाट जाती क्या?? अनुपमा बिना देरी किये  जवाब देती है की चाँद की तरह घटने बढ़ने वाली शान आपकी होगी मेरी नहीं और यह बात अनुज सुन लेता है। 

साथ ही अनुपमा कहती है की मै आना नहीं चाहती थी मुझे बापूजी और किंजल ने ज़बरदस्ती भेजा है। अनुज को वनराज का अनुपमा के साथ बात करने का तरीका अच्छा नहीं लगता।  दूर से काका उसको इशारा करते है की शांत रहे।  

Related: Anupama EP: 363

इतने में ऑफिस बॉय सबके लिए चाय कॉफ़ी लेके आता है और अनुज को उसका चॉक्लेट मिल्क देता है यह देख अनुपमा और अनुज दोनों हसने लगते है। अनुज काम की बात करते हुए काव्या, वनराज और अनुपमा को प्रसेनशन और बिज़नेस आईडिया बताने के लिए कहता है। 

इससे पहले की अनुपमा कुछ शेयर करे काव्या अपने प्रेजेंटेशन दिखाने की तीव्र इच्छा में सीट से उठ के खड़ी हो जाती है और अनुज के पास जाके खड़ी हो जाती है।  अनुज को ये अच्छा नहीं लगता और वो भी सीट से उठ के उसको बैठ के प्रेजेंटेशन देने के लिए कहता है।  

अनुज को वनराज और काव्या के बिज़नेस प्लान पसंद आते है पर वह कुछ फाइनल नहीं करता।  काव्या  कहती है अगर आप फाइनेंस करेंगे तो हम सक्सेस ज़रुर हो जायेंगे , काव्या की बात काटते हुए अनुज कहता है की मैंने कुछ फाइनल नहीं किया। ये सुन के काव्या और वनराज जाने लगते है तो अनुज उन्हें याद दिलाता है की अभी अनुपमा की प्रेजेंटेशन भी बाकी है।  

उधर नंदनी को देखने के लिए समर घर से निकलता है पर उससे नज़र नहीं मिलाना चाहता और उसको देख छुप जाता है।  बापूजी समर को देख उसको प्यार की  वैल्यू समझाते है और उन दोनों के बीच प्यार के अलावा कुछ नहीं होना चाहिए ऐसा बोलते है। ये सुन के समर डांस अकदमी जाता है जहा नंदनी दुखी हो कर बच्चो को डांस सीखा रही होती है।

समर को नंदनी की पिछली सारी बातें याद आती की कैसे उसने अनुपमा का साथ दिया , उसकी देखभाल की और ज़रूरत पड़ने पे अपनी नानी का दिया नेकलेस बेचना चाहती थी।  पर वह फिर भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पता। 

अनुपमा को प्रेजेंटेशन में झिझक होती है और वो मना करने लगती है तो अनुज अनुपमा को कहता की अनु कमऑन  मै वेट कर रहा हु शुरू भी करो , इतने में काका धीरे से कहते है की 26  साल से वेट ही कर रहा है और ये बात वनराज के कान में पड़ जाती है।  अब तो वनराज का बिज़नेस डील में कम और अनुपमा अनुज के रिलेशन पर ज़्यादा ध्यान है। 

Related: Vanraj Feels Jealous Seeing Anupama - Anuj's Closeness

अनुपमा क्या आईडिया शेयर करेगी… क्या काव्या के बिसनेस प्लान को अनुज फाइनेंस करेगा या काव्या की गलतियों का असर उसके आने वाले फ्यूचर पर पड़ेगा।  वनराज काव्या को भूल कर... क्यों पड़ा है अनुपमा और अनुज के पीछे… क्या होगा समर और नंदनी के बीच क्या रोहन ला पायेगा दूरिया या खुद वो जायेगा नंदनी की लाइफ से दूर.. पढ़ते है मेरे अगले ब्लोग्स में।।

Previous Post Next Post