Baa Embarrassed Anupama - Anupama 16th September 2021 Review and Written Update EP 369

 Anupama 16th September 2021 - Today's Episode 369 Review and Written Update in Hindi

बा ने किया घर का शर्मनाक माहौल !!

खैर, वही हुआ जो हम सब सोच रहे थे। 

बा ने अनुपमा को ऐसी बात बोल दी जिससे बापूजी का सर शर्म से झुक गया। 

वनराज और काव्या से तो मुझे यही उम्मीद थी की वो अनुपमा को अपने जैसा ही समझेंगे और ये उन्होंने साबित कर दिया।
 
पर बा को समझना चाहिए की ...... वो अब अनुपमा की सास नहीं माँ है ।  फिर उन्होंने ऐसी ओछी बात क्यों कही।

पहले भी घर में झगडे होते थे पर इस बार तो किसी ने किसी का कोई लिहाज़ ही नहीं रखा कोई शर्म नहीं रखी।

अनुपमा की करैक्टर पे बा ने ऊँगली उठाई है।  उनको ये बोलने से पहले ये सोच लेना चाहिए था की अनुपमा ने अपनी सारी लाइफ उनकी सेवा में निकाली है। 

Baa Embarrassed Anupama - Anupama Review and Written Update 15th September 2021 EP 369

बापूजी ने उठाया सही कदम !!

बापूजी घर में हो रही तू तू मै मै से तंग आकर सबको डांट देते है। 

उनको भी पता चल चूका है की बा , तोषु, वनराज और काव्या क्यों अनुपमा के प्रपोजल पास होने पर उससे नाराज़ है, क्यों उसको ऐसी नज़रो से देखा जा रहा है, क्यों अनुपमा का हो रहा है तिरस्कार। 

पिता होने के नाते इतने सालो में अपनी बेटी को बापूजी बखूबी जानते है। 

अनुपमा कितनी काबिल है वो खुद ये नहीं जानती पर हाँ उसके बापूजी ज़रूर समझते है। 

अनुपमा कही दवाब में कोई गलत फैसला न ले, इसके लिए देविका को कर देते है फ़ोन। 

मुझे ये समझ नहीं आता की ये इंसान इतना शातिर दिमाग लाता कहा से है। 

जब काव्या और उसके रिश्ते के बारे में सबको पता चलने लगता है तब भी वनराज ने तोषु को इस्तेमाल किया था और आज फिर वही कर रहा है। 

जो काम खुद से नहीं होता उसको दुसरो से निकलवाने की उसकी पुरानी आदत है। ये बात तोषु को क्यों नहीं समझ पाता। 

अनुज और अनुपमा के रिश्ते को गलत तरीके से पेश कर रहा है तोषु और वनराज दे रहा है उसका साथ। 
 
जब बात अपने पे आती है तो सब सही है पर जहा अनुपमा का नाम आता है सारे नियम कानून लागु हो जाते है। 

देविका ने बोला सच !!

देविका को घर में हुई सारी बात पता चल जाती है। 

अनुपमा एक एक करके सभी की कड़वी बातों को याद करके डांस कर रही होती है तभी देविका पहुंच के उसको उन लोगो की सचाई का सामना कराती है जिनके लिए अनुपमा ने पूरी लाइफ खर्च करदी और बदले में क्या मिला बेज़त्ती। 

अनुपमा को एहसास दिलाती है की हम औरते सबको प्यार कर सकती है पर जब बात खुद की आती है तो क्यों सबके के लिए सोचना। 

एक परसेंट प्यार अगर खुद के लिए रखे तो लाइफ बदल जाएगी। 

देविका बस अनु की भलाई चाहती है बिलकुल बापूजी की तरह।

वनराज और तोषु को क्या है डर !!

क्या आप लोगो के मन में भी यही सवाल है ?

तो चलिए बात करते है, आखिर वनराज और तोषु के नाराज़ होने की वजह क्या है। 

अनुपमा कम पढ़ी लिखी है। 
अनुपमा को दुनियादारी की समझ नहीं है। 
अनुपमा इतने बड़े प्रोजेक्ट को हैंडल कर पायेगी या नहीं। 
अनुपमा कही सच में बहार निकल के इन् लोगो से आगे निकल गई तो ?
अनुपमा और अनुज एक प्रोजेक्ट के बाद और दूसरे प्रोजेक्ट में काम करेंगे तो कही अनुपमा अनुज को दिल न दे बैठे। 

अगर आप सोच रहे हो की इनमे से क्या हो सकता है ? तो मै आपको बता दू की ये सारे ही पॉइंट्स दोनों के दिमाग में चल रहे है और आदमी चाहे एक्स हस्बैंड हो या बेटा ईगो प्रॉब्लम तो होती  ही है। 

अनुपमा तो ले चुकी है फैसला !!

अब बस ये देखना है की अनुपमा के फैसले पर आप्पोजीशन से क्या मुद्दे उठते है। 
अब ये है अनुपमा का नया रूप।   


पढ़ने के लिए धन्यवाद् !

उमा धीमान 

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