Lalchi Kavyaa Aur Vanraj | Anupama | Today Episode 373 | 21st September 2021

रिव्यु एवं रिटन अपडेट - अनुपमा  21 सितम्बर 2021 एपीसोड 373 हिंदी में !!

अनुज (Gaurav Khanna) ने बढ़ाया अनुपमा (Rupali Ganguly) का हौसला !!

अनुपमा और अनुज के बीच काम को लेकर बातचीत चल रही थी।  अनुज अनुपमा को समझाता है की सबको यही लगता है की बिज़नेस पैसो से होता है पर मेरा मानना है की ये लोगो से होता है। 

अनुपमा तुम लोगो से डील करना अच्छे से जानती हो, तुम तो मुझसे थोड़ा बहुत ही सिखोगी पर मै तुमसे बहुत कुछ सिखने वाला हु। 

तुम बस आगे बढ़ो बाकी औरतो को लेकर। मै तो सिर्फ राह दिखाने वाला हूँ , चलना तो तुमको ही है। 

अनुपमा को अनुज ये भी कहता है की तुम सिर्फ काम संभालो और इस अनुज को भूल जाओ। 

अनुज एक जेंटलमेन की तरह अनुपमा को बहार तक छोड़ने आता है, तो अनजाने में वो कह उठता है की मैं ऑटो बुला दू -  अरे मैं कोई अहसान नहीं कर रहा बस तुम परेशान होगी इसलिए कह रहा हु। 

अनुपमा धीरे से मुस्कुरा कर कहती है की मैं कार लाई हु , आपको लगा नहीं था ना की मुझे कार चलाना आता होगा ?

अनुज ने पहले दो तीन बार अनुपमा को ऑटो से आते जाते देखा था तो उसको तो यही लगना था न। 

अनुज फिर से कहता है की अनुपमा मुझे तुम पर गर्व है। 

इन दोनों की बातों में बहुत गहराई लगती है मुझे।  और दोनों का व्यवहार भी तो एक जैसा है। 

अनुज भले ही कितना भी अमीर क्यों ना हो अन्न के एक दाने की कीमत भलीभांति जानता है।  

Lalchi Kavyaa Aur Vanraj - Anupama Upcoming Episode 373 21st September 2021

गणेश चतुर्थी  !!  

जी. के. काका पहुंच जाते है अनुज के ऑफिस और अनुज को साथ ले जाते है घर क्योकि कल है  गणेश चतुर्थी और करनी है बहुत सी तैयारी !

अनुपमा को उसकी फैमिली के साथ बुलाने की हो रही है बात। 

जन्माष्टमी तो शाह परिवार में मना ली थी, पर अब और कोई त्यौहार अकेले नहीं मनना चाहते -काका। 

इसलिए अनुज को कहते है या तो मुझे बहु लादे या मै बुलाने वाला हु अनुपमा और उसकी फैमिली को। 

अनुज बेचारा क्या करता माननी पड़ती है अपनी मम्मी की बात। 

मुझे तो भाई , अनुज और उसके काका, दोनों की जोड़ी बहुत ही प्यारी लगती है कैसे दोनों प्यार करते है, लड़ते है , रूठते है, मनाते है।  अनुज के लिए माता पिता से कही बढ़कर है जी. के. काका, इसिलए उनका हमेशा मान रखते है।  

घर पर गणेश चतुर्थी की तैयारी करते वक्त अनुज काका से कहता है की वनराज को कुछ तो प्रॉब्लम है, या तो अनुपमा का काम करना या मेरे साथ काम करना। 

अगर अनुपमा को वनराज ने परेशान  किया तो घर का पता नहीं पर बाहर मैं खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पाउँगा। 

वाह अनुज वाह !! 


अनुपमा ने किया देविका का धन्यवाद् !

अनुपमा अपने दिल की बात सुनकर बहुत ही खुश है और उसे ये ख़ुशी सिर्फ और सिर्फ देविका की वजह से ही मिली है।  जिसने समय पर अनुपमा को उसकी कीमत समझाई और अपने ऊपर वापस भरोसा करने की उम्मीद जगाई।  

इतने साल से अनुपमा ने केवल दुसरो के लिए ही तो जिया है अब बारी आई है अपने और अपने जैसी औरतों के लिए कुछ कर दिखाने की । 

अनु ने देविका से मिलकर अपनी ख़ुशी जाहिर की और उसका सबसे कठिन समय में साथ देने के लिए किया धन्यवाद्। 

अनुपमा देविका से कहती है मुझे हमेशा खुशिया आने से डर भी लगता है क्योकि मेरी लाइफ में हमेशा खुशियों के साथ परेशानिया भी आती है। देविका मन में ही कहती है की अनुज नज़र उतार लेगा और तेरी हर परेशानी को दूर कर देगा।  

अनुपमा की इस एक हाँ के बाद, देविका ने की दूसरी हाँ की तैयारी !!
 

बापूजी और वनराज (Sudhanshu Pandey) के रस्ते है अलग !!  

एक बार फिर बापूजी और वनराज का हो रहा  है आमना सामना  !! जी हाँ दोस्तों , अनुज की ओर से गणेश चतुर्थी का आमंत्रण आ चूका है शाह परिवार में। 

जिसके कारण वनराज सबको अनुज के घर जाने से मना करने लगता है, समर तो पहले से ही अपनी माँ की साइड है और बापूजी ने भी कह दिया की कोई जाए या न जाए,  मैं तो जरूर जाऊंगा। 

तभी अनुपमा घर पहुँचती है तो घर में हो रही लड़ाई का जिम्मेदार, बा अनुपमा को ठहराती है। और वहा से गुस्सा हो कर चली जाती है। 

अनुपमा की अनुपस्थिति में काव्या ने जो जहर घोला है वो तो बाहर निकलेगा ही। 

लालची काव्या (Madalsa Sharma) ने किया वनराज को अलर्ट !!

घर में उठे तूफान में काव्या अपने आपको बचा कर चलना जानती है।  वैसे भी उसने सारी परेशानियों का ठेका तो अनुपमा के सर ही रखा है। 

काव्या को अनुज ने जो जॉब का ऑफर दिया है कहीं वो हाथ से ना निकल जाये इसके लिए वनराज को  किया है सचेत (अलर्ट)। 

वनराज, अनुज के पीछे ऐसे पड़ गया है जैसे अनुज ने उसकी भैंस खोल ली हो।  हा हा हा हा हा हा !!

काव्या ने वनराज को कह दिया है तुम गुस्से में सिर्फ अपना ही नुकसान करने वाले हो। 

अनुपमा की तरफ बापूजी और अनुज दोनों ही है।  और तुम, दोनों से ही नहीं लड़ सकते हो क्योकि बापूजी से तुम इतना प्यार जो करते हो और अनुज से लड़ने पर वो न हमे काम देगा और न ही कारखाना खरीदेगा। 

जो भी गुस्सा है अनुपमा पर निकालो। 

वाह, क्या बात है काव्या, इसे कहते है बिना पेंदी का लोटा। 

जहां मतलब देखा उसी ओर झुक गई।  कोई ईमानधर्म है ही नहीं इसका। 



पढ़ने के लिए धन्यवाद्!

उमा धीमान

अनुपमा के आज के एपीसोड का वीडियो देखने के लिए नीचे  क्लिक करे - 

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