GHKKPM Written Update - Sai Chavan Nivas Chhodne Ke Liye Taiyaar EP - 311

गुम है किसी के प्यार में 30 सितंबर 2021 लिखित एपिसोड अपडेट - साई चव्हाण निवास छोड़ने के लिए तैयार

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साई चव्हाण निवास छोड़ने के लिए तैयार

एपिसोड की शुरुआत में सोनाली गणेश पूजा की तैयारियों का सारा श्रेय लेती हैं। अश्विनी उसे बताती है कि वह भोग के लिए मोदक बनाएगी, इसलिए वह सुबह 4 बजे उठ जाएगी।

चव्हाण निवास छोड़ने की अपनी योजना के अनुसार साईं सुबह 4 बजे उठती हैं। साईं को घर छोड़ने का दुख होता है लेकिन सोचती है कि वह विराट को वह दे रही है जो वह चाहता है।

वह अपना सामान लेती है और उसे बगीचे में छिपाने की कोशिश करती है। देवी भी उसकी मदद के लिए उठती है। साईं उसे बताती है कि उन्हें बिना किसी को बताए सामान छिपाना होगा।

अश्विनी ने भगवान गणेश से उनकी खुशी बरकरार रखने और विराट और साई को एक साथ लाने की प्रार्थना की।

ठीक उसी समय देवी के हाथ से सूटकेस गिर जाता है और शोर मच जाता है। शोर सुनकर अश्विनी हैरान है लेकिन साई और देवी छिप जाते हैं।

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साई अंत में सामान को बाहर ले जाकर छुपा देती हैं, जबकि देवी दरवाजे पर नजर रखती है। इसके बाद साई, देवी को गले लगा लेती हैं और उसका धन्यवाद करती हैं। देवी बोलती है कि जब साईं ने पुलकित और उसकी शादी कराने में उनकी मदद की तो आज देवी, साई की मद्दद कर रही हैं।

साईं उसे अपने कमरे में वापस जाने के लिए कहती है। साईं घर की ओर देखती है और भावुक हो जाती है। वह सोचती है कि उसे किसी न किसी तरह से यह जगह छोड़नी पड़ेगी। वह गणपति जी से अपनी मदद करने की प्रार्थना करती है।

निनाद ने आरती करने से किया इनकार

सभी पूजा की तैयारिया साथ मिल कर करते है, करिश्मा और देवी रंगोली बनाती हैं।

निनाद पूछते हैं कि विराट क्यों खोया हुआ दिख रहा है? विराट कहता हैं कि कुछ भी नहीं है।

निनाद कहते हैं कि इस साल गणपति उत्सव खास होगा क्योंकि सम्राट वापस आ गया है। सनी आता है और कहता है कि गणपतिजी पहले ही इस परिवार को आशीर्वाद दे चुके हैं।

साईं ने करिश्मा को रंगोली के लिए बधाई दी और कहा कि उसने इसे मोहित से सीखा होगा।

सोनाली, करिश्मा को फूल लेने के लिए बगीचे में जाने के लिए कहती है। अपना सामान वो देख न ले, ये सोच कर साईं चिंतित हो जाती है। साईं उसकी मदद करती है और उसे दूसरी तरफ से फूल लेने के लिए कहती है।

मानसी बताती है कि सम्राट और पाखी राम और सीता की तरह दिख रहे हैं। सम्राट और पाखी एक साथ पूजा करते हैं।

सम्राट, निनाद को आरती गाने के लिए कहता है, लेकिन वह मना कर देता है। अश्विनी, साई को उससे बात करने के लिए कहती है। साईं भी उससे पूछती है, तो निनाद आरती गाने के लिए तैयार हो जाते है।

विराट नोटिस करता हैं कि साई विचलित दिख रही हैं, लेकिन ध्यान नहीं देते। वे दोनों आरती के दौरान तनाव में दीखते है।

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पंडितजी सभी को आरती देने के लिए साईं से कहते हैं। साईं सोचती हैं कि शायद यह आखिरी बार है जब वह उनका आशीर्वाद लेंगी। साईं सभी बड़ो के पैर छूती हैं।

वह विराट को भी आरती देती हैं और उसके माथे पर टीका लगाती हैं। अश्विनी, विराट से साईं के माथे पर सिंदूर लगाने को कहती हैं। विराट, साईं के माथे पर सिंदूर लगाते समय मन ही मन सोचता है कि साई समझ सके कि वह उसके लिए क्या मायने रखती है।

क्या साई घर छोड़ कर जा पाएगी? या विराट उसे जाने से रोक लेगा?

जानने के लिए मिलते है कल।

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