Vanraj Ne Li Anupama Se Takkar | Anupama 22nd September | Upcoming | Episode 374 | Review and Written Update

रिव्यु एवं रिटन अपडेट - अनुपमा  22 सितम्बर 2021 एपीसोड 374 हिंदी में !!

अनुपमा (Rupali Ganguly) को किया अनदेखा (ignore)!!

कारखाने में और घर दोनों जगह गणपति जी की स्थापना और पूजा दोनों अच्छे से पुरे हुए।  परिवार के सभी लोगो ने हिस्सा लिया।  सभी बहुत अच्छे लग रहे थे।  

जैसे ही आरती पूरी हुई तो अनुपमा हमेशा की तरह आगे बढ़कर सबको आरती देने जा रही होती है, तभी पीछे से बा काव्या को बोलती है की सबको आरती दे।  यहाँ मुझे बुरा लगा की चाहे कुछ भी हो पूजा के समय नाराज़गी नहीं दिखानी चाहिए। 

वनराज सभी को बैठ कर प्रसाद ग्रहण करने के लिए बोलता है। 

बापूजी तुरंत बोलते है हां भई फिर हमे अनुज के यहाँ भी तो जाना है। 

सभी के मुँह लटके होते है तो अनुपमा ज़ोर से बोलती है चाहे जो भी हो प्रसाद ग्रहण करते समय गुस्सा नहीं होना चाहिए वरना प्रसाद का फल नहीं मिलता। 

बापूजी भी अनुपमा की बात में हामी भरते है।

Vanraj Ne Li Anupama Se Takkar | Anupama 22nd September | Upcoming | Episode 374 | Review and Written Update

काव्या हाथ में प्रसाद लेकर अनुपमा को देने ही जा रही होती है की बीच में वनराज आकर रोक लेता है और कहता है  अरे इतना सारा प्रसाद क्यों दे रही हो, इन्हे अनुज के घर जाके भी तो खाना है, और सिर्फ एक मोदक देकर बाकि प्रसाद वापस ले लेता है। 

आज तो आपने हद करदी, प्रसाद का अपमान कर दिया। 

वनराज ,अनुपमा की तरफ इशारा करके कहता है की मेरी छोडो, अपने कर्मो पर ध्यान दो। 

अनुपमा को वनराज पे हंसी आती है, पूछने पर बोलती है की ऐसे ताने कसना और जली कटी सुनाना तो मेरी सास ने भी नहीं किया और आप तो मेरे कुछ भी नहीं है।  

इतने में ही शेफ, वनराज से कहता है की सर हमे बहुत बड़ा आर्डर मिला है तो सब बहुत खुश होते है की अरे वाह अभी पूजा होते ही आर्डर भी मिल गया, तभी शेफ बताता है की आर्डर में सारी डिशेज़ अनुपमा मैडम की है। 

वनराज तो जैसे जल के राख हो जाता है, और गुस्से में शेफ से कहता है की मना कर दो, हमे नहीं करना ये आर्डर। 

यहाँ दोस्तों साफ़ साफ़ दिख रहा है की वनराज अपने गुस्से और जलन की वजह से बर्बादी की तरफ जा रहा है। 

काव्या और अनुपमा, दोनों ही वनराज को यही समझती है की घर की बात घर में ही ठीक है उसे काम के बीच मत लाओ।  काव्या कहती है जब अनुपमा डिश बनाने को तैयार है तो तुम्हे क्या प्रॉब्लम है वी । 

काव्या दुबारा कहती है की अगर तुम्हे अहसान नहीं लेना तो अनुपमा को पे (pay ) कर देना। 

आज वाकई काव्या की दोनों बात में समझदारी दिखी और जिसे अनुपमा ने भी सराहा। हा हा हा हा 

बा का कहना भी यही है की सुबह का पहला आर्डर वो भी इतना बड़ा, कैंसिल नहीं करना चाहिए। 

जब गुस्से का भूत सवार हो तो फिर सही बात भी गलत लगती है। 

वनराज सबको चौंका देने वाला फैसला सुना देता है वो अपने कैफ़े के मेनू में से अनुपमा की जितनी भी डिशेज़ है सबको निकाल रहा है। 

अनुपमा की बेज़्ज़ती करते हुए उसे कहता है की तुम मेरे जीरो स्टार वाले कैफ़े में क्यों काम करोगी, जाओ तुम्हारा फाइव स्टार वेट कर रहा होगा।  

आज अनुपमा चुप नहीं रही, और पूछ ही डाला की आपकी प्रॉब्लम क्या है? 

अनुज मेरा  दोस्ती है, या मेरा दोस्त इतना अमीर है या फिर अनुज ने आपके प्रपोजल को रिजेक्ट करके मेरा प्रपोजल एक्सेप्ट किया। 

वनराज गुस्से में आग बबूला हो जाता है और अनुपमा को बकवास बंद करने के लिए कहता है और जवाब में अनुपमा वनराज को उसकी बकवास बंद करने के लिए कह देती है।
वनराज, अनुपमा को कैफ़े से बाहर जाने के लिए कहता है, अनुर अनुपमा भी काम नहीं रही, काव्या से पूछती है मैं कैसी लग रही हु, मेरी साडी ठीक है, मेकअप -लिपिस्टिक सब बराबर है न।  सो फनी  हा हा हा हा !!

बापूजी बा से साथ चलने को कहते है, अनुपमा भी रेक़ुएस्ट करती है , फिर पाखी उन्हें गुदगुदी करके मना लेती है। 

किंजल, तोषु से चलने को कहती है पर वो मना कर देता है। 

सबको जाता देख, काव्या भी वनराज को  उसकी बेवकूफी की वजह से कैफ़े का फ्यूचर बताती है और बाई (BYE) कह कर निकल जाती है।  (काव्या को जॉब की बहुत ज़रूरत है और वो AK से बिगाड़ना नहीं चाहती)।


शाह परिवार पहुंचा अनुज के घर  !!  

कारखाने में पूजा के बाद, शाह परिवार पहुँच जाता है अनुज कपाड़िया (Gaurav Khanna ) के घर। 

वनराज और तोषु अपने अहंकार के चलते रह जाते है कैफ़े में। 

अनुपमा सीढ़ी से और बाकी सब लिफ्ट से पहुंचते है। 

अनुज सारी  तैयारी करके अपना चश्मा साफ कर रहा होता है की हाथ से चश्मा फिसल कर गिरता है लेकिन तभी अनुपमा अपना हाथ बढ़ा के अनुज का चश्मा पकड़ लेती है। 

अनुज चश्मा लगाते ही अनुपमा को देखता है तो देखता ही रह जाता है। 

अनुज अनुपमा से पूछता है की सब लोग नहीं आये तभी बापूजी कहते है की हम आ गए। 

काव्या आखिर काव्या ही है।  हम कैसे भूल सकते है। 

अनुज के घर में कदम रखा भी नहीं की, अरे AK आपका घर इतना छोटा है, आप तो इतने बड़े आदमी है।  जैसे ही काव्या को अहसास होता है की उसने कुछ गलत बोला तो सॉरी बोलके चुप हो जाती है। 

फिर अनुज कहता है की आप ही नहीं अक्सर सभी लोग यही पूछते है।  लेकिन जो लोग तनहा होते है उन्हें छोटे घर में ही रहना चाहिए क्योकि बड़े घर उन्हें तन्हाई का एहसास ज्यादा दिलाते है। 

अनुपमा की ओर देख कर अनुज कहता है मै तुम्हे बाद में समझाऊंगा।  अनुपमा हसके कहती की इस बार मुझे समझ आ गया।

अनुज - वनराज और तोषु के बारे में पूछता है तो काव्या जवाब देती है की उनको कैफ़े में कुछ काम था तो वो लोग नहीं आ पाए। 

सभी लोग मिल कर आरती करते है। 

अनुज के गणपति बहुत ही आकर्षित लग रहे थे तो किसी से प्रशंसा किये बिना रहा नहीं गया। 

काका बताते है की ये मूर्ति अनुज ने खुद बनाई है, सभी लोग आश्चार्यचकित रह रह जाते है। 

बापूजी कहते है की जो लोग मन से सुन्दर होते है वही लोग भगवान की सुन्दर मूर्ति बना पाते है। 

अनुपमा भी अनुज की कला की प्रशंसा करती है जिसे काव्या और बा दोनों तीखी नज़रो से देखते है।      
उधर, दूसरी तरफ वनराज और तोषु कैफ़े से निकल चुके है अनुज के घर की ओर। 

आप सोच रहे होंगे की ऐसा कैसे हुआ। 

तो मैं आपको बता दू की, वनराज के पास अनुज का फ़ोन आता है और वह पूजा के लिए उन दोनों को उसके घर आने पर ज़ोर देता है और वनराज की एक न सुन कर उसे अपना एड्रेस भेज देता है। 

तोषु कहता है की पापा आपने मना क्यों नहीं किया, वनराज कहता है की वो वहा जाकर देखना चाहता है की अनुज में आखिर ऐसा क्या है जिसकी वजह से मेरा पूरा परिवार उसके घर पहुंच गया। 


देखते है दोस्तों की क्या धमाल होने वाला है वनराज और तोषु के अनुज के घर पहुंचने पर !! 



पढ़ने के लिए धन्यवाद्!

उमा धीमान

 आज के अनुपमा के एपिसोड का हिंदी में रिव्यु देख सकते है -

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