Challenge Kisne Jeeta - Anuj Ya Vanraj - Anupama

रिव्यु एवं रिटन अपडेट - अनुपमा  23rd सितम्बर 2021 एपीसोड 375 हिंदी में !!

वनराज (Sudhanshu Pandey) ने लड़ाया अनुज (Gaurav Khanna) से पंजा !!

अनुज कपाड़िया के घर चल रही होती है नाश्ता पार्टी, जहा अनुज के द्वारा परोसे गए नाश्ते का सभी लोग आनंद ले रहे होते है। 

नाश्ते का टेस्ट इतना अच्छा लगता है की कोई अपने आपको रोक नहीं पाता रेसेपी पूछने से...... और डिमांड होती है कुक की। 

अनुज किचन से आ कर, सबके सामने झुक के कहता है पूछिए क्या पूछना है।  किसी को यकीन ही नहीं होता है की इतना सब अनुज ने बनाया होगा। 

काका बताते है की मैंने अनुज की माँ से खाना बनाना सीखा था और अनुज ने मुझसे। 

अब क्योकि उम्र से साथ काम करने में दिक्कते आती है तो सब कुछ अनुज ही सम्भालता है। 

उपस्थित सभी लोग अनुज से बहुत प्रभावित होते है, पाखी और समर तो कह भी देते है की आप का खाना हमारी मम्मी के बाद दूसरे नंबर पर आता है। 

बातो ही बातो में पता चलता है की अनुज को शायरी के साथ गिटार का शौक भी है।  हॉकी स्टिक की बात आती है तो अनुज बताता है की कॉलेज टाइम पे इस्तेमाल की जाती थी जब दूसरे कॉलेज के लड़के हमारे कॉलेज की लड़कीयो को छेड़ते थे। 

अनुज की तारीफों के पुल बन ही रहे होते है की बहार खड़े वनराज और तोषु का खून जल रहा होता है।
अनुज के फ़ोन पर रेक़ुएस्ट करने पर वनराज और तोषु पहुंच तो जाते है पर मन में भरी कड़वाहट का क्या करेंगे।  

जब बात चल ही रही होती है तो अनुपमा कहती है की देविका से सुना था की अनुज पुरे कॉलेज में पंजा लड़ाने के लिए फेमस था और सबको हरा भी देता था। 

तभी वनराज बात आगे बढ़ाता हुआ कहता है की मेरा भी शौक रहा करता था कॉलेज में पंजा लड़ाने का, और आप लोगो की बात सुनके मेरी पुरानी यादें ताज़ा हो गई।  

दोस्तों, ये वनराज तो किसी भी हद तक जा सकता है अनुपमा और अनुज को निचा दिखाने के लिए , ये तो तय है। 
Challenge Kisne Jeeta ? Anuj Ya Vanraj  | Anupama | Today Episode | 23rd September 2021| Rupali Ganguly

हारने की आदत तो न अनुज की है और वनराज भी हार मानने वालो में से नहीं है। 

तो क्या होगा, अनुज के घर जब वनराज देता है चैलेंज अनुज को!!

अनुज को अंदर ही अंदर ये पता है की वनराज अनुज को किसी न किसी कारन से पसंद नहीं करता। 
और उसकी ऐसी बातें यह जता भी देती है। 

अनुज बहुत बार मना करता है, तोषु आके कहता है क्या हुआ हाथ में दर्द है - अक्सर पापा के सामने कोई ठहर नहीं पाता। 

अनुज ने इस सिचुएशन को बहुत है ठन्डे तरीके से हैंडल किया ताकि इस चैलेंज को न लेना पड़े इसिलए वनराज की बॉडी की तारीफ भी कर देता  है। 

काका के कहने से अनुज को ये चैलेंज लेना पड़ जाता है। 

टीम दोनों की तरफ आधी आधी बट जाती है।  आधे लोग अनुज को चीयर उप करते है और आधे वनराज को। 

जैसे दोनों के हाथ जा रहे थे मुझे तो लगा की वनराज तो पक्का हारने ही वाला है। 
आपको क्या लगा था की अनुज ही जीतेगा ना !

अनुपमा को देख के लग रहा था की उसे वनराज पे गुस्सा और तरस दोनों आ रहा था।  गुस्सा इसलिए की अनुज के घर आकर तमाशा कर रहा है और तरस इसिलए की बेचारे को हमेशा मुँह की खानी पड़ती है।  अनुपमा को पता था की अगर अनुज जीत गया तो वनराज अनुपमा का जीना और मुश्किल कर देगा। 

तोषु समर को जाके बोलता है की तुझे पापा की तरफ होना चाहिए - हम एक परिवार है।  समर कहता है की क्या कभी मिस्टर शाह ने मम्मी को परिवार माना था, वो तो हमेशा दुनिया की परवाह करते थे। 

अनुज को, मै हमेशा से एक जेंटलमेंट के रूप में देखती हु, और किसी भी जेंटलमेन को ऐसी जीत हार से फरक नहीं पड़ता। वो लोग अपनी वजह से जगह का माहोल खराब नहीं होने देते। 

अनुज ने वही किया जो उसे करना सही लगा और  वो ये चैलेंज हार गया ताकि वनराज अपने ईगो को शांत कर सके।

वनराज (Sudhanshu Pandey) के उड़ने वाले है होश !!

वही पर अनुज को एक कॉल आती है और अनुज सभी को  बताता है की कल सुबह अनुपमा के साथ उसे मुंबई जाना पड़ेगा।  वहा  पर जो होटल और रेस्टुरेंट तैयार हुआ है अनुपमा को उसकी टीम से मिलने और काम समझने में आसानी होगी। 

वनराज के डायलॉग और जीत की सारी ख़ुशियां उड़ जाती है।  और वो कभी अनुज और अनुपमा को देखता रह जाता है। 

एक एक करके सब शुरू हो जाते है, और बापूजी अनुपमा को सपोर्ट करते हुए कहते है काम है तो जाना भी पड़ेगा बेटा,  तभी तो सीखेगी, वैसे भी एक ही दिन की बात है। 

अनुज भी तोषु को जवाब देते हुए कहता है की तुम्हारी मम्मी इतनी बड़ी है की वो अपना डिसिशन खुद ले सकती है । 

अनुज फिर अनुपमा से पूछता है की मै एक टिकट कराऊ की दो।  दो बार यही बात दोहराने के बाद अनुपमा जवाब देती है की कल कब निकलना है आप मुझे मेसेज में बता देना। 

समर, नंदनी, किंजल और पाखी ख़ुशी से उछल जाते है।  और वही बा,तोषु , काव्या और वनराज जल कर राख हो जाते है। 

बापूजी, अनुज और उसके काका से उन्हें घर बुलाने के लिए धन्यवाद् करके वहा से निकल जाते है। 

उन सब के जाने के बाद अनुज - काका से कहता है की सबसे मुश्किल क्या होता है आपको पता है - एक औरत का घर से निकलना। जिसके लिए उसे बहुत जतन करने पड़ते है।  पता नहीं अनुपमा को क्या क्या क़ुरबानी देनी पड़ेगी। 

सब लोग घर पहुँचते है, अनुपमा बापूजी की दवाई लेके आती है तो बा दवाई अनुपमा के हाथ से छीन लेती है और कह देती है की तू जा घूम फिर मैं मेरे पति और घर का ध्यान रख लुंगी। 

अनुपमा अचंभित (shocked ) खड़ी रह जाती है। 


क्या अनुपमा का सपना होगा पूरा ??  

देखते है क्या होने वाले है अनुपमा के अगले एपिसोड में। 


पढ़ने के लिए धन्यवाद्!

उमा धीमान

अनुपमा के आज के एपिसोड का हिंदी रिव्यु देखिये -

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