Anupama Written Update - Anupma Ne Ki Rakhi Dave Ki Dhulai - EP 383

अनुपमा रिव्यु और रिटेन अपडेट - अनुपमा ने की राखी दवे की जम कर धुलाई - टुडे एपिसोड 383  

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अनुज है बहुत खुश  

अनुपमा, वनराज की हरकतों के लिए अनुज से माफी मांगती है।  अनुज को गुस्सा तो बहुत आ रहा था पर वह अनुपमा को पूछता है कि क्या वो ठीक है। मिस्टर शाह की बातों और तानो की जैसे आदत सी पड़ गई  है और अब कोई फरक नहीं पड़ता। अनुज बिजनेस मीटिंग के लिए तैयार होने के लिए कहता है। 

अनुज नशे में हुई घटनाओ के लिए अनुपमा से माफ़ी मांगता है और कसम खा कर कहता है कि उसने सिर्फ ऑरेंज जूस ही पिया था। पता नहीं उसे नशा कैसे हुआ। 

अनुपमा मुस्कुरा कर कहती है कि आपको कोई सफाई देने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह उनकी शायरी भले ही ना समझती हो पर अनुज और उसकी सोच को धीरे-धीरे समझने लगी है। 

बस अनुज तो जैसे सातवें आसमान पर चला गया।  उसकी ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। 

दोनों मीटिंग के लिए तैयार होने है। 

राखी ने शुरू किया तमाशा 

राखी की बतिमिज़्ज़ी बढ़ती जा रही थी।  अनुपमा और वनराज के घर पर ना होने का जैसे उसने फायदा उठाने की ठान रखी थी।  समर और किंजल आकर समझाते है पर जैसे राखी दावे के कान ही ना हो ऐसे बिहेव करती है। 

बा झूले पर बैठने से मना करती है तो जानबूझकर बैठती है और जब झूलने को मना किया तो झूलने भी  लगती है।  

उधर अनुपमा अपना फ़ोन देखती है और उसमे बा के इतने मिस्ड काल, देखते ही परेशान हो जाती है।  तभी वनराज वहा पहुंच कर उसे बताता है की राखी दवे कुछ भी ठीक कैसे रहने दे सकती है। 

वो घर में ज़बरदस्ती बैठी है की आज अपने पैसे ले कर जाएगी।  अनुपमा उसकी और किंजल की हुई बात का जीकर करती है लेकिन वनराज अनुपमा को याद दिलाता है की वह राखी दवे है जिसकी किसी भी बात का विश्वास नहीं कर सकते। 

और तुरंत ही मुंबई से निकलने के लिए बोलता है, काव्या की कुछ मीटिंग्स है तो वो नहीं आ पायेगी तो  हम दोनों को जाना पड़ेगा।  वनराज टिकट्स बुक करता है और दोनों तभी वहा से निकल जाते है।  

उधर राखी ने शाह हाउस में हंगामा कर रखा होता है।  किंजल उसे वनराज और अनु के लौटने तक घर जाने के लिए कहती है और कारखाना का सौदा खत्म होने तक पैसे वापस नहीं मांगने के अपने वादे को याद दिलाती है। 

राखी कहती है कि उसे पैसों की सख्त जरूरत है। किंजल ने अनुपमा से किया उसका वादा याद दिलाया तो राखी कहती है कि बातें  होती ही भूल जाने के लिए और देखो मैं सब भूल गई हूँ। मैं तुम्हारी तरह कम से कम चोरी तो नहीं कर रही। 

राखी किंजल ताने ताना मारती है की वह शाह फॅमिली की बहु थी, वह अपनी मम्मी की बेटी कब और कैसे बनी, वह अपनी सास की तरह सी.सी.सी. बन गई। 

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मामाजी उस समय भी मजाक करते हैं। पर राखी गुस्से में कहती है चतुर, चंट, चलाक और पूछती है कि जब उसके ससुराल वाले उससे प्यार करते हैं और उसकी माँ की गलतियों के लिए उसे सजा नहीं देंगे तो वह क्यों चिंता कर रही है। 

वह अपनी नेम प्लेट दिखा कर कहती है कि वह आज निश्चित रूप से इसे दरवाजे लगा कर ही जाएगी। फिर अचानक बा का मोतियों का हार उसके हाथ में आ जाता है और बा के मना करने के बावजूद वह हार को घुमा घुमा कर उसके साथ खेलती है। 

बा उसे वापस रखने की चेतावनी भी देती है लेकिन राखी हार को हाथ में से छोड़ देती है और नकली माफी मांगने लगती है। 

हार को टूटता देख बा रोते हुए जमीन पर घुटने टेक कर बिखरे मोतियों को उठाने लगती है। वह कहती है कि यह उनकी माँ का दिया हुआ हार था। बापूजी और मामाजी उनकी मदद करते हैं। 

तभी दरवाज़े पर वनराज और अनुपमा खड़े होते हैं और बा बापूजी की हालत देखकर चौंक जाते हैं। वे दौड़ते हैं और बा और बापूजी को उठाते हैं। 

राखी अहंकार से वनराज से बोलने जाती है कि वनराज चिल्लाकर कहता हैं कि आज एक बेटा बोलेगा और समन्धि नहीं। वह उसे अपना ऐसा रवैया बंद करने और उसके पैसे वापस करने की चेतावनी देती है। 

वनराज कहता हैं कि एक बार कारखाने का सौदा खत्म हो जाये उसके बाद वह सारे पैसे लौटा देंगे। वह राखी के चेहरे पर चेक फेंक कर मारेंगे। राखी कहती है कि वह सारी बातों को भूल गई और आज किसी भी कीमत पर दरवाजे पर अपनी नेमप्लेट लगा कर ही जाएगी। 

वनराज ज़ोर से राखी दवे चिल्लाता हैं। राखी बेशर्मो की तरह कहती हैं कि अगर उन्हें समधन कहने में शर्म आती है, तो वह उसे घर की मालिकन भी कह सकते हैं क्योंकि ये घर उसका भी है।


अनुपमा ने जम कर किया राखी दवे को बेज़्ज़त 

राखी दवे के बार बार अपनी नेमप्लेट लगाने से तंग आकर अनुपमा उसके हाथ पर 20 लाख का चेक थमा देती है और कहती है कि सॉरी मैंने आपकी मेहनत बरबाद कर दी क्योकि पूरी रात आप यह सोचती रही होगी कि किस को कैसे अपमानित किया जाए और उसका ये प्लान नहीं चल पाया। 

अब जो नेमप्लेट लाई हो इसको बाहर बने कूड़ेदान में फेंकती जाना। वनराज 20 लाख का चेक देख कर सोचने लगता है कि अनुपमा के पास चेक था और उसने मुझे बताया तक नहीं। क्योंकि उसको हमेशा हीरोइन बनना अच्छा  लगता है। 

राखी कहती है की चेक अनुपमा का और साइन अनुज का -  वाह क्या याराना है। अनुपमा कहती है कि जब उसे अपनी बेटी, इंसानियत या रिश्ते की परवाह नहीं है, तो वह एक साइन के बारे में क्यों परेशान है। 

साथ ही उसे अपने बा के झूले से उठने का आदेश देती है। राखी का कहती है कि मैंने तुम लोगो की मदद करके ही गलती की। अनुपमा कहती है कि बा और बापूजी के साथ किया दुर्व्यवहार देखकर तो चेक मुझे  नेमप्लेट पर बल्कि तुम्हारे गाल पर देना चाहिए था। राखी ने यह एक सौदा किया था जबकी मैंने एक प्रियजन  समझकर मदद मांगी थी। 

अनुपमा कहती है जीवन में अगर कभी भी जरुरत पड़ेगी तो मैं अपनी किडनी बेच दूंगी पर तेरे पास नहीं आउंगी। राखी ताना मारते हुए बोलती है कि अनुज उसे अपना ये 2 रुपये का हेयर बैंड भी नहीं बेचने देगा। वनराज चिल्लाता है कि अनुपमा को छूने की उसकी हिम्मत कैसे हुई। 

अनुपमा राखी के हाथ से अपना हेयर बैंड लेते हुए कहती है कि जब एक औरत के बाल खुल जाते है तो वह चंडी बन जाती है। अनुपमा ने राखी को ये दुर्व्यवहार दुबारा न करने की चेतावनी देती है और कहती है कि उसने मुंबई में एक अच्छा वाक्य सीखा है, चला चला पुडे चला जिसका अर्थ है निकलो आगे निकलो।

वनराज गुस्से में आकर राखी की लाई हुई नेमप्लेट तोड़ देता है।  

अनुपमा कहती है कि बा राखी को नागिन कहती है, उसने सोचा कि वह राखी के दुर्व्यवहार के बदले में दुर्व्यवहार क्यों करे और हमेशा उसका सम्मान किया, उसे हर समारोह में आमंत्रित किया।

लेकिन राखी ने आज बा और बापूजी का जो अपमान किया और उन्हें घुटनों पर ला दिया। अब रिश्ता होगा पर सम्मान नहीं; उसकी बहू न तो राखी के घर जाएगी और न ही उससे मिलने राखी उनके घर आएगी। 

बा भी अनुपमा से सहमत हैं। वनराज राखी को दरवाजा दिखाता है। नेमप्लेट के बिखरे मोतियों पर राखी फिसल जाती है। किंजल चिंता दिखाती है। अनुपमा समर को गंगाजल लाने के लिए कहती है और बा के झूले पर छिड़कती है, जिससे राखी और अधिक अपमान में जलती है और गुस्से में घर से बाहर निकलती है। 

वनराज पीछे से ताना देते हुए कहता हैं कि आशा है कि हम फिर कभी नहीं मिलेंगे। राखी भी कुछ कम नहीं है।  वो भी ताना मारती है कि अनुज का दिल अनुपमा ने जीत लिया और उसकी दौलत ने वनराज को जीत लिया। वनराज यह सुनकर गुस्से में राखी के चेहरे पर दरवाजा बंद कर देता है। 

राखी गुस्से में भड़की हुई कहती है आज तक मैं सिर्फ मज़े लेती थी पर अब मैं इस बेज़्ज़ती का बदला लुंगी।  और जल्द ही इस घर में वापस आउंगी। इस डायलॉग में तो मुझे राखी दवे सच में नागिन जैसी लगी। 

देखते है  क्या होने वाला है महा-एपिसोड में !!

क्या होने वाला है शाह फॅमिली में अगला ड्रामा ? अनुज क्या अनुपमा को करेगा प्रोपोज़ ? क्या वनराज उगलेगा ज़हर बा  सामने अनुपमा के खिलाफ ?


पढ़ने के लिए धन्यवाद् !!


उमा धीमान   

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