Vidrohi 12th October 2021 Written Episode Update - Major Geoffrey Ne Badamba Ko Dhamki Di

विद्रोही 12वीं अक्टूबर 2021 लिखित एपिसोड अपडेट - मेजर जेफ्री ने बदाम्बा को धमकी दी

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एपिसोड की शुरुआत में ब्रिटिश मेजर जेफ्री फ्लेचर अपने सैनिकों को कल्याणी पर गोली चलाने के लिए कहता है। कल्याणी डरकर अपनी आँखें बंद कर लेती है, तभी वहां हवा में आग लगाती लग जाती हैं। फिर जेफ्री हंसता है और राजा बदाम्बा से बात करने के लिए जाता है।

जेफ्री बोलता है कि वह एक निजी बातचीत करना के लिए आया है, राजा उसे बताता है की वह अपने बेटे के ताज समारोह में व्यस्त है। जेफ्री मुस्कुराता हुए राजा को धमकी देता है और फिर के साथ अंदर चला जाता है।

इधर, जेफ्री राजा के साथ सौदा करने की कोशिश कर रहा होता है। वह राजा को सलाह देता है कि बिना किसी युद्ध के वह उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लें, अन्यथा वे कुछ भी गलत कर सकता हैं।

वह मुस्कुराते हुए राजा को बताता है कि कैसे टीपू सुल्तान भी उस के सामने हार गया था, जब की टीपू सुल्तान के पास एक बड़ी सेना थी। वह राजा को उसके प्रस्ताव के बारे में सोचने के लिए समय देता है और वहां से चला जाता है, कल्याणी यह सब पीछे छिपकर सुन लेती है।

वही बक्सी अपने राज्य के लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुये बाट रहा होता है। वह राधा के साथ मिल कर सभी की मदद करता है, और वे सभी लोग उन् दोनों की प्रशंसा करते हैं।

बक्सी के सौतेले भाई गदाधर की पत्नी, गदाधर को बक्सी के खिलाफ भड़काती हुई नज़र आती है। वह कहती है कि बक्सी अपना सारा धन दूसरों पर लूटा रहा है। वह यह भी कहती है कि अगर बक्सी दूसरों को ऐसे ही दान देना रहेगा तो वे एक दिन गरीब हो जाएंगे।

वहीँ दूसरी ओर, मेजर जेफ्री बदाम्बा के साथ अपने प्रस्ताव के बारे में अपने वरिष्ठ अधिकारिओं को बताता है। सीनियर जेफ्री को आधा भारतीय होने पर उसका मज़्ज़ाक़ उड़ाते है और कहते है कि कहीं वह उनके प्रति वफादार तो नहीं हो जाएगा?

यह सुन कर जेफ्री क्रोधित हो जाता है, लेकिन अपने क्रोध को नियंत्रित रखते हुए कहता है कि भारतीयों के लिए उसके दिल में जो नफरत है वो हर कोई जानता है। 

वरिष्ठ जेफ्री को बताते है कि उसे पुरी के महल को राजा को बेचने के लिए कहा गया है। जेफ्री बताता है कि उसने राजा को बंदी बना लिया है और अब मंदिर उसके कब्ज़े में है, उसके वरिष्ठ उसे रोकते है और आदेशों का पालन करने के लिए कहते है।

गदाधर खाना खाने से इंकार कर देता है और बक्सी से बदतमीजी से बात करता है। उसकी माँ उसे डांटती है और उसे अपने भाई की तरह अच्छा बनने के लिए कहती है।

बक्सी अपने भाई को खाना खिलाने के लिए उठता है, तभी गदाधर की पत्नी उसका समर्थन करते हुए यह कहती है कि, बक्सी और राधा के पास चिंता करने के लिए कोई संतान नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपनी अगली पीढ़ी के लिए चिंता करनी चाहिए।

यह सुन कर राधा और बक्सी चौंक जाते हैं, और कहते हैं कि उन्हें इस कठिन समय में अपने लोगों की मदद करनी है।

आगे, बक्सी यह जानकर उत्साहित हो जाता है कि उनके राजा रिहा हो रहे है। वह अपनी मां से आशीर्वाद लेता है और भगवान के सामने प्रार्थना करने चला जाता है। बक्शी अंग्रेजों को युद्ध में हराने की शपथ लेता है, राधा भी उसका इस बार पर समर्थन करती है।

वहीँ दूसरी ओर, कल्याणी अंग्रेजों पर भड़क जाती है और कहती है कि किसी को तो उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। वह कहती है कि कोई निश्चित रूप से उनके खिलाफ खड़ा होगा और उन्हें उनके कर्मो की सज़ा देगा।

जेफ्री अपने वरिष्ठ अधिकारिओं को पुणे में शामिल होने के बारे में एक भव्य घोषणा करने के लिए कहता है।

वह कहता है कि वह पूरी आजादी चाहिए और कोई भी उससे उसके कार्यों के बारे में सवाल नहीं ना करे। जेफ्री यह भी कहता है कि वह चाहता है कि हर कोई महाराजा गणपति की रिहाई को देखने आए और मुस्कुराए।

राधा बक्सी को तैयार करती है और उसे आश्वस्त करती है। वह अपने लोगों को विश्वास दिलाता है और उनके साथ उनके महाराजा को देखने जाती है।  इस बीच, राधा और उसकी सास महाराजा की पत्नी को तैयार करती है और कहती है कि वह जल्द ही वापस आ जाएगे।

भीड़ को देखकर जेफ्री मुस्कुराता है, वह अपने सैनिकों से महाराजा गणपति को बाहर लाने के लिए कहता है, जबकि लोग उत्साह से अपने राजा के नाम का जाप कर रहे होते हैं। लेकिन, जल्द ही वे सभी अपने राजा की स्थिति देखकर चौंक जाते हैं। इस बीच, बक्सी क्रोधित हो जाता है और जेफ्री को घूरता है।

एपिसोड समाप्त।

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