Vidrohi 13th October 2021 Written Episode Update - Kalyani Ne Geoffrey Ki Deal Ko Thukraya

विद्रोही 13वीं अक्टूबर 2021 लिखित एपिसोड अपडेट - कल्याणी ने जेफ्री की डील को ठुकराया

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एपिसोड की शुरुआत में जेफ्री के सैनिकों महाराजा मुकुंद को धक्का देते है। महाराजा को बेड़ियों में बंधा देख हर कोई हैरान हो जाता है। जेफ्री महाराजा का अपमान करता है, जबकि बक्सी और उसके लोग क्रोधित हो जाते हैं और राजा को छुड़ाने के लिए आते हैं।

बक्सी सुनिश्चित करता है कि उसका राजा ठीक रहे, जबकि जेफ्री घोषणा करता है की वह महाराजा को रिहा करके उन पर दया कर रहे हैं।

वह यह भी कहता है कि अब से महाराजा का मंदिर पर कोई अधिकार नहीं होगा और वहां कोई प्रार्थना नहीं होगी। सभी यह सुन कर अवाक रह जाते हैं, बक्सी जेफ्री को घूरता है और महाराजा को एक तरफ ले जाता है।

इधर, जेफ्री बक्सी को देखता है और चरण पटनायक से उसके बारे में पूछता है। वह मुस्कुराता है और कहता है कि बक्सी मुकुंद का सिपाही है। वह दोनों बक्शी की बेज़्ज़त्ती करने के लिए उसका पर मजाक करते हैं और हंसते हैं। वह जेफ्री के विचार की प्रशंसा करता है और फिर दोनों बक्सी और मुकुंद की ओर देखते हैं।

राधा और सुवर्णा के साथ महाराजा के आने का बेसब्री से इंतजार कर रही होती है। मुकुंद की स्थिति देखकर वे चौंक जाते हैं। उसकी पत्नी रोने लगती है, फिर मुकुंद का इलाज होता है।

राधा उसे दिलासा देती है और उसे हिम्मत रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। वह राजा के साथ एक नया चरण शुरू करने की सलाह देती है। बक्सी महाराजा से कहता है कि अगर लड़ाई अंग्रेजों से है तो वो इसके लिए हमेशा ही तैयार है।

राधा के वहाँ आने पर बक्शी अपनी तलवार का अभ्यास कहीं और जा कर करता है। वह कहता है कि वे निश्चित ही ब्रिटिश सेना को हरा देगा। वह उसकी ओर देखता है और कहता है कि ब्रिटिशर्स के खिलाफ लड़ने के लिए उसे कई चीजों का त्याग करना होगा।

राधा मुस्कुराती है और बक्शी को विश्वास दिलाती है कि वह हमेशा उसके साथ है। वह उसके स्वभाव की प्रशंसा करती है, फिर वह उसे अपने साथ ले जाती है और कहती है कि वह हमेशा उसका और उसके फैसले का समर्थन करेगी। वे दोनों एक दूसरे को गले लगा लेते हैं।

बदाम्बा जेफ्री के सौदे के बारे में सोचकर चिंतित हो जाता है। उसका कहना है कि अपने राज्य की रक्षा के लिए उसे प्रस्ताव स्वीकार करना होगा। वह घोषणा करता है कि वे अंग्रेजों के खिलाफ नहीं लड़ सकता, जबकि कल्याणी उसे एक बार कोशिश करने के लिए कहती है।

वह उसे लड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि वह खुद को और मोहन को बचाने के लिए उससे शादी करने का अनुरोध करता है। वह इनकार करती है और बदाम्बा को समझाने की कोशिश करती है।

आगे, जेफ्री चरण को एक घोषणा करने के लिए कहता हैं। चरण पत्र को पढ़कर चकित हो जाता है और जेफ्री को ऐसा न करने की सलाह देता है, क्योंकि यह उसके लिए कठिनाइयाँ पैदा कर सकता है।

जेफ्री उसकी चेतावनी को नजरअंदाज कर देता है और उसे यह तेजी से करने के लिए कहता है।  वह कहता है कि वह भारतीयों की आँखों में डर देखना चाहता हैं।

कल्याणी जेफ्री को अपने महल के अंदर आते देखकर परेशान हो जाती है। वह बडम्बा के पास जाती है और उसके निर्णय के बारे में पूछती है।

बडम्बा कहता है कि वह अपने राज्य को हानि नहीं होने दे सकता। वह जेफ्री के सामने बैठ जाता है और कहता है कि उसने अपने राज्य की रक्षा के लिए एक निर्णय लिया है। वह जेफ्री का प्रस्ताव मानने ही वाला होता है तभी कल्याणी वहां आ जाती है और उसे रोक देती है।

यह देख, मेजर जेफ्री मुस्कुराता है और उसे बुद्धिमानी से सोचने के लिए कहता है। वह सवाल करता है कि क्या वह अपने लोगों के लिए मौत को चुनना चाहती है?

जिस पर वह जवाब देती है कि वह अपने लोगों को जीने के नाम पर पीड़ा नहीं दे सकती। वह चाकू अपने हाथ में ले कर उसके सामने भयंकर रूप में खड़ी हो जाती है।

एपिसोड समाप्त।

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