Anupama 13 November 2021 Written Update - Baa Ne Anuj Ko Anupama Ki Maang Bharne Ke Liye Uksaya - Anuj Ne Badhaya Haath

Anupama 13 November 2021 Written Update - Baa Ne Anuj Ko Anupama Ki Maang Bharne Ke Liye Uksaya - Anuj Ne Badhaya Haath

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अनुपमा 13 नवंबर 2021 लिखित अपडेट - बा ने अनुज को अनुपमा की मांग भरने के लिए उकसाया - अनुज ने बढ़ाया हाथ

आज के एपिसोड की शुरुवात में अनुज अनुपमा के घर पर उसके साथ नाश्ता कर रहा होता है। समर बहार दरवाजे से यह देख कर खुश होता है की भगवान् ने उसकी प्राथना सुन ली और दोनों की दोस्ती नहीं टूटी। वह भगवान् से यह भी प्राथना करता है की दोनों हमेशा ऐसे ही साथ रहे और खुश रहे।

वहीं दूसरी तरफ, काव्य वनराज को दिवाली की शुभकामनाये देने के लिए काफी देर से कॉल कर रही होती है, लेकिन वनराज जो अभी तक अनुज और अनुपमा के रिश्ते के खयालो में खोया हुआ है वो काव्य का फ़ोन नहीं उठता। 

काव्य इस बात से चीड़ जाती है की इतने साल उसने वनराज से अलग अकेले ही दिवाली मनाई है और आज शादी के बाद अपनी पहली दिवाली फिर से वह अकेले वनराज के बिना ही मनाएगी। लेकिन इस बार वह ये दिवाली बहुत ही धूम धाम से मनाने की बात करती है। 

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उधर अनुज अनुपमा के घर अच्छा समय बिताने के बाद अपने घर पोहोचता है। जीके अनुज को ख़ुशी से खिला हुआ देख कर खुश होता है और उससे इस ख़ुशी का राज़ पूछता है। अनुज मुस्कुराते हुए ख़ुशी ख़ुशी बताता है की अब उसके दिल में कोई भोझ नहीं रहा।

अनुज कहता है की इतने सालों तक अनुपमा के लिए उसके दिल में क्या है यह उसने अनुपमा से छुपा रखा था, लेकिन आज से उसे कुछ छुपाने की ज़रूरत नहीं है और वह बड़ा ही हल्का महसूस कर रहा है। 

वहीँ अनुपमा अपने नए घर में दिवाली की पूजा करती है, तो अनुज और जेके भी अपने घर पर दिवाली की पूजा करते है। शाह हाउस में भी सारा परिवार सिवाय वनराज के दिवाली की पूजा करता है। 

पूजा के समय सभी का चेहरा उतरा हुआ है और सभी लोग दुःखी है। यह देख काव्य मन ही मन कहती है की अनुपमा नहीं है तो सभी लोग शोक मना रहे है, जैसे अनुपमा ने इन् सभी लोगो की दोनों किडनी ले ली हो। 

आरती ख़त्म होने के बाद बा सभी को वनराज के कैफ़े में जा कर पूजा करने और फिर साथ में दिवाली मनाने की बात कहती है। तभी बापूजी बाकी परिवार वालों से कहते है की हमें अनुपमा के घर पर और फिर डांस एकेडमी में पूजा करने जाना है। 

सभी जाने लगते है की बा उन्हें रोकती है की घर में त्योहार है और वो बहार जा रहे है। बापूजी बा को ताना मरते है की यह घर नहीं मकान है और मकान में पूजा हो चुकी है अब उन्हें घर की पूजा में शामिल होने जाना है। 

उसी समय संजय मिठाई ले कर वहाँ आते है, बा उसे देख बहुत खुश होती है और डॉली के लिए पूछती है। संजय बताता है की वो अपने ऑफिस के पूजा में गयी है फिर वह वहाँ से अनुपमा के घर जायेगी।

संजय फिर कहता है की वो भी अनुपमा के घर ही जा रहा है और वो कार ले कर आया है, तो वो बाकी परिवार वालों को अपने साथ ले जाने की बात करता है। सभी लोग उनके साथ अनुपमा के घर चले जाते है। 

बा, काव्य और तोषु अकेले रह जाते है और इस मौके का फायदा उठाते हुए काव्य बा को भड़काती है की कैसे अनुपमा ने उसके सारे परिवार को उससे छीन लिया है और साथ ही दिवाली भी खराब कर दिया है। इस बार तोषु भी काव्य के बात से सहमत हो जाता है और अपने कमरे में चला जाता है। 

बा यह सुन कर अनुपमा पर क्रोधित हो जाती है, काव्य बा को और भड़काते हुए कहती है की अब उन्हें गैराज भी अनुपमा से छीन लेना चाहिए, बा भी उसकी बात से सहमत हो जाती है और आज के दिन अनुपमा को सबक सिखाने के लिये उसे शगुन देने की बात करती है।

पूरा परिवार अनुपमा के घर पर पूजा करने के बाद अब डांस एकेडमी में पोहोचता है और दिवाली की तैयारिओं में जुट जाता है। अनुपमा अपने डांस एकेडमी में दिया जलाने के बाद देखती है की किसीने भी वनराज के कैफ़े में दिया नहीं जलाया है। 

वह कैफ़े के बहार दिया लगाने लगती है की तभी अनुज वहाँ आ जाता है और वह अनुपमा की इस काम में मदद करता है। उसके बाद दोनों डांस एकेडमी के अंदर चले जाते है, तभी वहाँ पर बा, काव्य और तोषु पोहोचते है और अनुज अनुपमा को साथ देख लेते है। 

बा जो पहले से ही अनुपमा पर भड़की हुई है, ग़ुस्से में अनुपमा के लगाए हुए सारे दिये फेक देती है। काव्य और तोषु उसे रोकते है, फिर काव्य कहती है की दीयों पर ग़ुस्सा कर के कुछ नहीं होगा। अगर ग़ुस्सा करना है तो अनुपमा पर करो, इसके बाद तीनो अनुपमा के डांस एकेडमी की और चल पड़ते है। 

बा ने अनुज को अनुपमा की मांग भरने के लिए उकसाया - अनुज ने बढ़ाया हाथ:-

डांस एकेडमी में सभी लोग बहुत खुश है और हर कोई दिवाली की ख़ुशी मनाते हुए नाच रहा है। अनुपमा और अनुज भी पुरे जोश के साथ अपने परिवार वालों के साथ नाच रहे होते है। 

तभी वहाँ पर बा की एंट्री होती है और सभी चौक जाते है और नाचना बंद कर देते है। बा अनुज को भड़काते हुए कहती है की उन् दोनों ने शाह परिवार की सारी खुशियाँ छीन ली है और अगर वो दोनों चाहे तो सब कुछ ठीक हो सकता है। 

यह सुन कर अनुज कहता है की अगर बा के बताये हुए उपाए से अगर उनके जीवन में सब कुछ ठीक हो सकता है तो वह उस चीज़ को ज़रूर करेगा। 

फिर बा अनुज को सिन्दूर देते हुए, अनुज और अनुपमा को शादी करने के लिए कहती है। यह सुन कर वहाँ खड़े सभी लोग चौंक जाते है और अनुज - अनुपमा के तो पैरो तले ज़मीन खिसक जाती है।

बा अनुज को कहती है की तुम अनुपमा का साथ देना चाहते हो तो एक दोस्त बनके नहीं, जीवन साथी बन कर दो। बा अपनी सारी हददे पार करते हुए कहती है की बिना रिश्ते का प्यार ऐयाशी और बदनामी होता है।

यह सुन कर अनुज को बहुत बुरा लगता है, लेकिन बा अब भी चुप नहीं रहती और कहती है की, यह सिन्दूर ले और इसकी मांग भर कर बनाले अपने घर की गृहलक्मी। ऐसा कर के मेरा मुँह हमेशा के लिए बंद कर दे। 

बा के यह तीर जैसी बातें सुन कर अनुज आग बबूला हो जाता है और बा के हाथ से सिन्दूर ले कर अनुपमा के मांग की और बढ़ाता है। 

एपिसोड समाप्तः।

क्या अनुज सच में अनुपमा की मांग भर देगा?

या अब भी कोई ड्रामा होना बाकी है?

इन सवालों के जवाब के लिए मिलते है अगले एपिसोड में rocknroll.in पर। 

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